नर्मदेश्वर शिवलिंग को स्थापित करते समय बहुत से भक्त असमंजस में पड़ जाते हैं। शिवलिंग का मुख किधर करें? जलधारी का मुख किधर रखें? पूजा करते समय खुद किस दिशा में बैठें? इन सवालों को लेकर काफ़ी भ्रम रहता है। इस लेख में हम नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना से जुड़ी हर ज़रूरी बात आसान भाषा में समझेंगे।
क्या दिशा सच में मायने रखती है?
वैसे तो हर दिशा भगवान की ही है। फिर भी मान्यता है कि अगर नर्मदेश्वर शिवलिंग को उचित दिशा में स्थापित किया जाए, तो यह बहुत लाभदायक और पुण्यकारी होता है। हर देवता की अपनी एक दिशा मानी जाती है, जैसे दक्षिण दिशा हनुमान जी की मानी जाती है और उनकी मूर्ति हमेशा दक्षिण की ओर मुख करके रखी जाती है। इसी तरह नर्मदेश्वर शिवलिंग के लिए भी दिशा का नियम बताया गया है।
जलधारी का मुख किस दिशा में हो?
नर्मदेश्वर शिवलिंग के नीचे जो जलधारी होती है, उसी से अभिषेक का जल बहकर बाहर जाता है। जलधारी का मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर रखें, यानी जल उत्तर की तरफ़ बहे।
शिवलिंग का मुख किस दिशा में हो?
जैसा कि आप चित्र में स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, जलहरी का मुख उत्तर दिशा की ओर है और शिवलिंग की पूजा करने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर है। शिवलिंग की स्थापना इसी दिशा और स्थिति के अनुसार की जानी चाहिए।
जलधारी पर स्थापित नर्मदेश्वर शिवलिंग का मुख पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए।
पूजा करते समय आपका मुख किस दिशा में हो?
अगर आप आसन पर बैठकर पूजा कर रहे हैं, तो आपके सामने रखे नर्मदेश्वर शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल उत्तर दिशा की ओर बहना चाहिए और आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
अगर किसी कारण से पूर्व दिशा संभव न हो, तो आप पश्चिम दिशा की ओर मुख करके भी पूजा कर सकते हैं। लेकिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पूजा करने से बचना चाहिए।
| क्या | दिशा |
|---|---|
| जलधारी का मुख (जल का बहाव) | उत्तर |
| नर्मदेश्वर शिवलिंग का मुख | पूर्व |
| पूजा करने वाले का मुख | पूर्व (संभव न हो तो पश्चिम) |
| किस दिशा से बचें | दक्षिण |
नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना के समय इन बातों का ध्यान रखें
- बिना जलधारी के स्थापना न करें: नर्मदेश्वर शिवलिंग को कभी भी बिना जलधारी के स्थापित नहीं करना चाहिए। शिवलिंग की ऊँचाई से जलधारी दोगुनी लंबाई की होती है।
- आसन पर रखें: शिवलिंग को हमेशा किसी आसन या चौकी पर रखें। सीधे ज़मीन पर न रखें।
- तुलसी के पौधे में न रखें: नर्मदेश्वर शिवलिंग को कभी भी तुलसी के पौधे में स्थापित न करें।
- शुद्धता का ध्यान: मांस या शराब का सेवन करने के बाद नर्मदेश्वर शिवलिंग को न छुएँ।
- बेडरूम में न रखें: नर्मदेश्वर शिवलिंग को कभी भी बेडरूम में नहीं रखना चाहिए। इसे पूजा स्थान या मंदिर में ही स्थापित करें।
क्या नर्मदेश्वर शिवलिंग की रोज़ पूजा करना ज़रूरी है?
कई लोग इसी डर से शिवलिंग घर में नहीं रखते कि रोज़ पूजा न हो पाई तो क्या होगा। मान्यता के अनुसार, अगर आप नर्मदेश्वर शिवलिंग को अपने घर में रखते हैं, तो आपको रोज़ पूजा करने की बाध्यता नहीं है। फिर भी श्रद्धा से जितनी हो सके, पूजा और अभिषेक करना शुभ माना जाता है।
साइज़ का भी रखें ध्यान
घर के लिए नर्मदेश्वर शिवलिंग 1.5 इंच से 6 इंच तक का रखा जा सकता है। साइज़ में केवल शिवलिंग की ऊँचाई गिनी जाती है, जलधारी की नहीं।
असली नर्मदेश्वर शिवलिंग कहाँ से लें?
अगर आप अपने घर के लिए असली नर्मदेश्वर शिवलिंग और सही नाप की जलधारी लेना चाहते हैं, तो www.narmadeshwarshivlingcenter.in पर जाएँ। यहाँ से आप अपने पूजा स्थान के हिसाब से साइज़ चुन सकते हैं।
निष्कर्ष
नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना में जलधारी का मुख उत्तर और शिवलिंग का मुख पूर्व दिशा की ओर रखें। पूजा करते समय आपका मुख पूर्व की ओर हो, और संभव न हो तो पश्चिम की ओर, पर दक्षिण से बचें। शिवलिंग को जलधारी के साथ आसन पर स्थापित करें, तुलसी के पौधे और बेडरूम से दूर रखें, और शुद्धता का ध्यान रखें।